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रामबाबू रघुवंशी पत्रकारमैनपुरी
मैनपुरी के भोगांव कस्बे में रसूलाबाद रोड स्थित एक निजी स्कूल में रविवार को शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरिद्वार से पधारे प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) को शिक्षा की गुलामी से मुक्ति का बड़ा आंदोलन, अभियान और क्रांति बताया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य देश की शिक्षा प्रणाली को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और ज्ञान परंपरा से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देशभर के एक लाख विद्यालयों को इस बोर्ड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग एक हजार विद्यालय पहले ही जुड़ चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में विद्यालय इस अभियान से जुड़ेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में नया बदलाव देखने को मिलेगा।उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड को भारत सरकार द्वारा विधिवत गठित किया गया है और इसका संचालन पतंजलि द्वारा किया जा रहा है। यह बोर्ड दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा बोर्ड बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। रामदेव ने कहा कि यह अभियान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक, वैचारिक और सांस्कृतिक गुलामी से मुक्त कराने का प्रयास भी है। उनका मानना है कि इससे भारत विश्व का सबसे समर्थ और आत्मनिर्भर देश बनेगा। स्वामी रामदेव ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड यूपी बोर्ड, अन्य राज्यों के बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय बोर्डों के समकक्ष है। इस बोर्ड से पढ़ा हुआ छात्र देश या विदेश की किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने का अधिकारी होगा। उन्होंने डॉ. संजय यादव के विद्यालय को इस बोर्ड से जोड़ने के लिए सराहना की और कहा कि यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा देगा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन और पूर्व आईएएस N. P. Singh ने भी बोर्ड की विशेषताओं और इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला।इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राम नरेश अग्निहोत्री चेयरमैन नेहा तिवारी, प्रतिनिधि आशीष तिवारी, के.सी. यादव, सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षा और भारतीय संस्कृति पर आधारित विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
