*राजधानी स्वीट्स के मालिक को अदालत ने सुनाई सजा, असुरक्षित फूड बेचने पर कड़ा प्रहार; मिलावटखोरों में हड़कंप*
*मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ सिटी रिपोर्टर मैनपुरी*
मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त संदेश सामने आया है। माननीय न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, मैनपुरी की अदालत ने असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे जेल और भारी जुर्माने से दंडित किया है।
असुरक्षित पाए गए खाद्य व्यंजन प्राप्त जानकारी के अनुसार, अदालत की पीठासीन अधिकारी श्रीमती नूतन चौहान ने दिनांक 08 अप्रैल 2026 को स्टेशन रोड स्थित राजधानी स्वीट्स के मालिक मोहित चौहान को दोषी करार दिया। आरोपी को असुरक्षित चिली पोटैटो बेचने के मामले में 6 माह की सजा और ₹70,000 जुर्माना, तथा असुरक्षित चिली पेस्ट बेचने पर 6 माह की सजा और ₹3,50,000 का जुर्माना सुनाया गया।
कैसे खुला मामला?
मैनपुरी विभाग के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने 23 जून 2021 को राजधानी स्वीट्स से चिली पोटैटो और चिली पेस्ट के नमूने लिए थे। जांच में ये दोनों खाद्य पदार्थ मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए। यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2)(i)(ii) का उल्लंघन था, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके चलते अदालत ने राजधानी स्वीट्स के मालिक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
हालांकि, अदालत द्वारा दिए गए इस फैसले से तमाम मिलावटखोरों में हड़कंप की स्थिति है।
क्यों है यह खबर अहम?
यह फैसला सिर्फ एक कारोबारी की सजा नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है, क्योंकि बड़े-बड़े रेस्टोरेंट, होटल या फुटपाथ पर मिलने वाले स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठाता है। यह मिलावटखोरी और लापरवाही करने वालों के लिए सख्त संदेश है और उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करता है।
सेहत के साथ न करें समझौता
बाहर खाना खाते समय साफ-सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान दें। संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर तुरंत शिकायत करें। अपनी सेहत के साथ समझौता न करें। यह फैसला साबित करता है कि कानून अब खाद्य सुरक्षा के मामलों में सख्त रुख अपना रहा है। जागरूक बनें, सुरक्षित खाएं और निरोग जीवन जिएं।
मिलावटखोरी जिले में नहीं होगी बर्दाश्त
मामले को लेकर मैनपुरी की सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. श्वेता सैनी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दुकानों से नमूने लिए जाते हैं। इसी क्रम में राजधानी स्वीट हाउस मैनपुरी से चिली पोटैटो और चिली पेस्ट के नमूने लिए गए थे, जो जांच में मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके चलते अदालत ने राजधानी स्वीट हाउस के मालिक को दोषी ठहराते हुए दोनों मामलों में 6-6 माह की सजा के साथ अलग-अलग जुर्माना लगाया है।
डॉ. श्वेता सैनी ने सभी खाद्य विक्रेताओं से अपील की है कि वे अपने बिक्री के खाद्य पदार्थों को शुद्ध और स्वच्छ रखें, ताकि आमजन को सुरक्षित भोजन मिल सके। उन्होंने कहा कि जिले में मिलावटखोरी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
