कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों का प्रदर्शन

योगेश कुमार सोनी(पूर्वी दिल्ली)
शाहदरा थाने में वकीलों के साथ कथित मारपीट और पुलिस अधिकारियों के दुर्व्यवहार के आरोप को लेकर मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों ने प्रदर्शन किया। शाहदरा बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों ने कामकाज का बहिष्कार किया और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने कोर्ट के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। वकीलों की नाराजगी की मुख्य वजह शाहदरा थाने में हुई घटना के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर है। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान कड़कड़डूमा कोर्ट के बाहर वकीलों ने सड़क पर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया और एसीपी के खिलाफ नारेबाजी की।
शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। वकीलों ने पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त के कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगें रखीं। वकीलों ने मांग की कि उनके साथ हुई कथित मारपीट और पुलिस अधिकारियों के व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कार्य बहिष्कार का असर अदालत पहुंचे फरियादियों पर भी पड़ा। जमानत याचिकाओं, गवाही और जिरह समेत कई मामलों को स्थगित करना पड़ा।
वकील ललित बंसल ने आरोप लगाया कि वह अपने जीजा से जुड़े मारपीट के मामले में शाहदरा थाने पहुंचे थे। वहां विवाद के दौरान उनसे मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि मुन्ना बाटी नाम के युवक ने उनकी शर्ट फाड़ दी और एक युवती ने उनके सिर पर प्लेट से हमला किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ललित बंसल का आरोप है कि पुलिस ने उनका बयान दर्ज किए बिना एकतरफा कार्रवाई की। उन्होंने थाना प्रभारी पर भी अनुचित व्यवहार करने और दूसरे पक्ष के लोगों को बचाने का आरोप लगाया। बंसल के मुताबिक, बार एसोसिएशन के सचिव उन्हें मेडिकल जांच कराने और आराम करने की सलाह देने के लिए थाने पहुंचे थे। उस समय उन्हें भरोसा दिया गया था कि मामले के आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा लेकिन बाद में दूसरे पक्ष के चार लोगों को छोड़ दिए जाने की जानकारी मिली।

जब तक एसीपी व शाहदरा एसएचओ को सस्पेंड नहीं किया जाएगा तब तक हमारी हड़ताल जारी रहेगी।

नरवीर डबास
सचिव
कड़कड़डूमा कोर्ट

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