बच्चे के भविष्य बनाने विगाड़ने में माँ की होती है अहम भूमिका। दैनिक हिन्दुस्तान समाज रामबाबू रघुवंशी पत्रकार घिरोर क्षेत्र के नगला माँझ में स्व. रामसनेही लाल शाक्य की स्मृति मे चल रही साप्ताहिक श्रीमदभागवत कथा के द्वितीय दिवस में ध्रुव के चरित्र का बखान करते हुवे शास्त्री अतिवीर ने कहा जब परिवार में अनदेखी होने पर अपनी माँ से अपने पिता की बात कह कर वन जाने पर अड़ गये और उन्होंने अपनी माँ की एक न सुनी और वन को पिता की तलास में निकल पड़े।महाराज उत्तानपाद ने ध्रुव को बहुत समझाने का प्रयत्न किया राज्य देने की कहीं लेकिन ध्रुव ने महाराज उत्तानपद की नहीं सुनी और उन्होंने अपने दृनप्रतिज्ञा से भगवान की प्राप्ति की।कथा में परीक्षित महेन्द्र सिंह शाक्य सपत्नी हेमलता यज्ञ पति रुपेन्द्र कुमार शाक्य और रेखा देवी ने भगवान के स्वरूप को सुना। इस अवसर पर गयाप्रसाद शाक्य, रामोतार शाक्य, अवधेश कुमार, कमलेश कुमार, अरुण कुमार, अमर सिंह, टीकाराम, राजीव पाण्डेय, मनोज कुमार शाक्य, मानसिंह, हरिप्रसाद वीरेंद्र सिंह रघुवंशी, रामौतार सिंह रघुवंशी रामौतार कठेरिया, बबलू शाक्य,कल्लू शाक्य,आदि सेकड़ों भक्तों ने संगीतमयी भगवान के ज्ञान गंगा में भाग लिया।

बच्चे के भविष्य बनाने विगाड़ने में माँ की होती है अहम भूमिका।

दैनिक हिन्दुस्तान समाज
रामबाबू रघुवंशी पत्रकार

घिरोर क्षेत्र के नगला माँझ में स्व. रामसनेही लाल शाक्य की स्मृति मे चल रही साप्ताहिक श्रीमदभागवत कथा के द्वितीय दिवस में ध्रुव के चरित्र का बखान करते हुवे शास्त्री अतिवीर ने कहा जब परिवार में अनदेखी होने पर अपनी माँ से अपने पिता की बात कह कर वन जाने पर अड़ गये और उन्होंने अपनी माँ की एक न सुनी और वन को पिता की तलास में निकल पड़े।महाराज उत्तानपाद ने ध्रुव को बहुत समझाने का प्रयत्न किया राज्य देने की कहीं लेकिन ध्रुव ने महाराज उत्तानपद की नहीं सुनी और उन्होंने अपने दृनप्रतिज्ञा से भगवान की प्राप्ति की।कथा में परीक्षित महेन्द्र सिंह शाक्य सपत्नी हेमलता यज्ञ पति रुपेन्द्र कुमार शाक्य और रेखा देवी ने भगवान के स्वरूप को सुना। इस अवसर पर गयाप्रसाद शाक्य, रामोतार शाक्य, अवधेश कुमार, कमलेश कुमार, अरुण कुमार, अमर सिंह, टीकाराम, राजीव पाण्डेय, मनोज कुमार शाक्य, मानसिंह, हरिप्रसाद वीरेंद्र सिंह रघुवंशी, रामौतार सिंह रघुवंशी रामौतार कठेरिया, बबलू शाक्य,कल्लू शाक्य,आदि सेकड़ों भक्तों ने संगीतमयी भगवान के ज्ञान गंगा में भाग लिया।

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