पूर्व सैनिक संगठनों के साथ भेदभाव का आरोप, इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन ने जताई कड़ी
रामबाबू रघुवंशी ब्यूरो दैनिक हिंदुस्तान समाज मैनपुरी
लखनऊ /वाराणसीभूतपूर्व सैनिक संगठन इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन ने स्टेशन हेडक्वार्टर 39 जीटीसी पर भूतपूर्व सैनिकों से जुड़े कार्यक्रमों और वेलफेयर सूचनाओं में भेदभाव का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि उन्हें लगातार महत्वपूर्ण सूचनाओं से वंचित रखा जा रहा है और सरकारी व सैन्य कार्यक्रमों में शामिल नहीं किया जा रहा।
इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन का रजिस्ट्रेशन नंबर 366/2020 एवं नीति आयोग रजिस्ट्रेशन नंबर 0494287/2025 है। यह संगठन पूरे देश में कार्यरत है। वाराणसी जनपद में ही संगठन से 400 से अधिक भूतपूर्व सैनिक जुड़े हुए हैं, जिनमें कारगिल योद्धा अजय कुमार सिंह सहित अनेक वरिष्ठ भूतपूर्व सैनिक शामिल हैं। संगठन निरंतर भूतपूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के कल्याण के लिए कार्य करता आ रहा है।
संगठन के अनुसार, इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह एवं उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार पाण्डे द्वारा स्टेशन हेडक्वार्टर 39 जीटीसी को लिखित रूप से पत्र देकर सभी समस्याओं एवं सूचनाओं से अवगत कराया गया। वहीं, संगठन के पदाधिकारी जिला सैनिक बोर्ड अधिकारी ग्रुप कैप्टन अशोक पांडेय से 3 से 4 बार व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी सूचनाएं साझा करने और सभी संगठनों को समान अवसर देने का अनुरोध कर चुके हैं।
इसके बावजूद आरोप है कि एक अन्य ESM संगठन के अध्यक्ष राजबली पाल को विशेष रूप से समर्थन दिया जा रहा है और अधिकांश कार्यक्रमों में केवल उसी संगठन से नाम मांगे जाते हैं, जो कि समान अधिकार के सिद्धांत के विपरीत है। हाल ही में मनाए गए कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम की भी सूचना इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन को नहीं दी गई और न ही संगठन को उसमें शामिल किया गया।
इसी क्रम में 14 जनवरी को वेटरन्स दिवस के अवसर पर भी स्टेशन हेडक्वार्टर 39 जीटीसी को लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद कार्यक्रम में केवल 10 से 20 पूर्व सैनिकों को एक ही संगठन से शामिल किया गया, जबकि अन्य संगठनों को शामिल करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया गया।
इस मामले को लेकर इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े भूतपूर्व सैनिकों में गहरी नाराज़गी है। संगठन ने मांग की है कि सभी भूतपूर्व सैनिक संगठनों को बराबरी का अधिकार, वेलफेयर से जुड़ी सभी सूचनाओं की समान उपलब्धता और सभी कार्यक्रमों में सम्मानजनक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
